On Page SEO क्या है? On Page SEO Kaise Kare Step By Step
On Page SEO क्या है? On Page SEO Kaise Kare :- Blogging के क्षेत्र में आने वाले हर ब्लॉगर का सपना होता है कि उसका पोस्ट किसी भी सर्च इंजन में टॉप पेज पर रैंक करें। हमें भी इस सपने को साकार करने के लिए अपने आर्टिकल का On Page SEO करना बहुत जरूरी होता है। अगर हमने अपना आर्टिकल का On Page SEO अच्छे तरीके से कर लिया तो अपने ब्लॉग को गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक करने का सपना साकार हो जायेगा। सही ढंग से किया गया On Page SEO हमे अपने मंजिल के सबसे करीब ले जाता है। अतः हम जितने अच्छे तरीके से अपने ब्लॉग का On Page SEO करेंगे उतनी ही ब्लॉग की रैंक करने की संभावना बढ़ जाती है.
अगर आप भी ब्लॉगिंग के सागर में गोते लगाना चाहते है तो आपको On Page SEO क्या है और On Page SEO Kaise Kare जैसे मंत्र की पूरी जानकारी होनी ही चाहिए। मुझे पूरी उम्मीद है की मेरे इस आर्टिकल को पढ़ कर आपकी On Page SEO के बारे में जानने की जिज्ञासा समाप्त हो जायेगी और किसी दूसरे पोस्ट को पढ़ने की जरूरत भी नही पड़ेगी।
आपके समय के महत्व को देखते हुए शुरू करते हैं इस लेख को और सबसे पहले जानते हैं On Page SEO क्या है.
On Page SEO क्या है
अपने ब्लॉग या आर्टिकल को ऑप्टिमाइज (सर्च इंजन के अनुकूल) करने का वह तरीका जिससे आपका पोस्ट सर्च इंजन में पहले पेज पर रैंक करे और ट्रैफिक gain करे, उसे On Page SEO कहते है। On Page SEO में Title, Description, Meta Tags, Content, URL, Keyword Density, Content-Length, Subheading Tags, Internal Links इत्यादि को Optimize किया जाता है। इसे On Site SEO भी कहा जाता है।
यदि आपने पोस्ट को पब्लिश कर दिया है फिर भी ट्रैफिक नही आ रहा है तो समझ लीजिए कि आपने On Page SEO ठीक से नही किया है और इसे ठीक करने की जरूरत भी है।
On Page SEO करना क्यों जरूरी है?
On Page SEO करना इसलिए जरूरी है ताकि आपका ब्लॉग और पोस्ट गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक कर सके।
फर्स्ट पेज पर रैंक का फायदा आपके पूरे ब्लॉग और या वेबसाइट को मिलता है। इससे आपके website पर ट्रैफिक बढने लगता है और गूगल के नजर में आपके डोमेन की अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी भी Increase होती है।
और अगर आपने ऐसा कंटेंट लिख डाला जिससे आपके यूजर आपकी पेज पर आकर समय देने लगे, तो आपका पोस्ट इंजन फ्रेंडली होने के साथ साथ यूजर फ्रेंडली भी हो जाता है। इसका फायदा यह होता है की अब यूजर आपके ब्लॉग पर डायरेक्ट सर्च कर के आने लगते है।
On Page SEO करने का एक फायदा यह भी है की एक पोस्ट के रैंक करने से उसमे जुड़े दूसरे पोस्ट का लिंक भी रैंक कर जाता है।
On Page SEO Kaise Kare हिंदी में
चलिय अब जानते हैं On Page SEO Kaise Kare. जिस तरह एक हीरा को तराश कर उपयोग करने लायक बनाया जाता है, ठीक उसी तरह एक ब्लॉग या पोस्ट को On Page SEO तकनीक से तराश कर गूगल के सर्च इंजन में रैंक करवा सकते है और ऑर्गेनिक ट्रैफिक भी ला सकते है। आप चाहे जितने भी यूनिक और क्वालिटी वाला कंटेंट लिखें, या अपने सारे ज्ञान को निचोड़ कर कंटेंट को जितना भी बेहतर बनाने का प्रयास करें, बिना On Page SEO के गूगल के सर्च इंजन में रैंक करवाना मुश्किल हो जायेगा।
अतः इन मुश्किलों से बचने के लिए On Page SEO की पूरी Checklist हमने आगे स्टेप वाइज आपको बताई है.
एक बात और कि समय -समय पर Google के Algorithm में बदलाव होते रहते है और इस बदलाव के कारण SEO करने की तकनीक में भी बदलाव होते रहते है। इसलिए हम SEO से संबंधित उन्हीं fact के बारे में बात करेंगे जिस पर Google के बदले हुए Algorithm का कोई असर नही पड़ता है। अर्थात SEO के वे फैक्टर और Tricks जो पहले से चली आ रही है और आज भी काम करती हैं
1- पहल स्टेप Keyword Research करना
किसी भी तरह की आर्टिकल लिखने से पहले आपको Keyword Research जरूर करना चाहिए। सही Keyword Research करने पर आपका पोस्ट जल्दी से रैंक कर सकता है। आपको अपने आर्टिकल के लिए वैसा Keyword का इस्तेमाल करना चाहिए जिसे ज्यादा लोग सर्च करते हों तथा उसपर compitation बहुत कम हो।
आप चाहे तो Keyword Research Tool का इस्तेमाल करके अपने आर्टिकल के लिए Keyword खोज सकते है।
Keyword Research करने पर आपके सामने दो तरह के रिजल्ट नजर आएगा। एक Short Tail Keyword और दूसरा Long Tail Keyword. ये दोनों तरह के Keywords Google में रैंक करते है। अतः आप दोनों तरह के keyword का इस्तेमाल कर सकते है।
अब जान ले की Short Tail और Long Tail Keyword क्या होता है।
Short Tail Keyword :- जिस Keyword में एक, दो, या 3 शब्दों का इस्तेमाल होता है उसे Short Tail Keyword कहते हैं। जैसे SEO, On Page SEO इत्यादि Short Tail Keyword के अंतर्गत आते है।
Long Tail Keyword :- जिस Keyword में 3 से अधिक शब्दों का इस्तेमाल होता है उसे Long Tail Keyword कहते हैं। जैसे On Page SEO Kaise Kare, या On Page SEO Kaise Kiya Jata है इत्यादि Long Tail Keyword के अंतर्गत आते है।
आर्टिकल लिखने के दौरान दो तरह के keyword का प्रयोग किया जाता है। एक है Primary Keyword और दूसरा है Secondary Keyword
Primary Keyword – आर्टिकल के Title में हम उस keyword का इस्तेमाल करते है जिसे लोग ज्यादा सर्च करते है, ऐसे keyword को Primary Keyword कहते है। जैसे मैं यह आर्टिकल On Page SEO पर लिख रहा हूं। तो मेरा Primary Keyword है On Page SEO Kaise Kare. यह एक Long Tail Keyword है।
Secondary Keyword – Primary Keyword से related जो भी keyword होता है उसे Secondary Keyword कहते है।
2. हमेशा बेहतर Content लिखने का प्रयास करें
Keyword Research करने के बाद आपको एक बेहतर और यूनिक कंटेंट लिखना होगा जिसमे साधारण शब्दों का इस्तेमाल हो और आपके विजिटर को रोक सके। आपके पोस्ट में उन सभी चीजों की जानकारी हो जिसे आपका विजिटर जानने के लिए आपके पोस्ट पर आया हो।
गूगल उन कंटेंट को प्राथमिकता देता है जिस पर विजिटर अपना ज्यादा समय देते है और उन्हें ही सर्च रिजल्ट में सबसे पहले दिखाता है।
किसी भी कंटेंट को लिखने से पहले उसके बारे में बहुत रिसर्च करें। फिर खुद से उसे बेहतर रूप में लिखे। तब वो यूनिक कंटेंट के श्रेणी में आएगा।
अपने कंटेंट के रिसर्च के लिए आप उन वेबसाइट को देख सकते है जिसके बारे में लिखना हो। किसी भी दूसरे के कंटेंट को कॉपी और पेस्ट नही करें। नही तो आपका पोस्ट कभी भी रैंक नहीं करेगा। यह भी हो सकता है की Google आपके वेबसाइट को ब्लॉक भी कर दे।
हां एक तरीका है जिससे आप चेक कर सकते है की आपके द्वारा लिखा गया कंटेंट यूनिक है की नही। इसके लिए आपको गूगल में सर्च करना होगा Free Plagiarism Checker. इस तरह के वेबसाइट के द्वारा आप अपना आर्टिकल चेक कर सकते है। जिससे आपको मालूम हो जायेगा की आपका आर्टिकल कितना प्रतिशत यूनिक है और कितना कॉपी किया हुआ है।
एक बात का यह भी ध्यान रखें की इस तरह के वेबसाइट के रिजल्ट पर 100% विश्वास नहीं किया जा सकता है।
इसलिए एक बात जान लीजिए कि ब्लॉग में आप नही बोलते बल्कि आपके द्वारा लिखा गया पोस्ट बोलता है। So It is said that "Content Is A Soul Of A Blog".
3 – Article के Length पर ध्यान देना
आर्टिकल्स लिखते वक़्त उसमे लिखे गए शब्दों की संख्या भी बहुत मायने रखती है। यदि आपने अपना आर्टिकल कम से कम 1500 से 2000 शब्दों का लिखा है तो उसे बेस्ट article के श्रेणी में कहा जा सकता है और इस तरह की लम्बी article को गूगल में रैंक करने के चांस बढ़ जाते हैं।
आर्टिकल लिखने से पहले उन सारे topics का एक लिस्ट बना ले जिसके बारे में वर्णन करना हो और कोशिश करें कि पूरी जानकारी दें। ऐसा करने से आपके पास लिखने के लिए बहुत कुछ होगा ।
4 – Page Title को Optimize करें
On Page SEO, पेज title को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब सर्च इंजन आपके पोस्ट को पढ़ता हैं तो आपके पोस्ट के अन्य बातों के अलावा, वे पोस्ट के title और पेज के description की जांच करता हैं।
वह ऐसा इसलिए करता है ताकि यह समझ सके की आपका पेज किस चीज के बारे में है, और उससे related फैक्ट जैसे On Page SEO, domain authority, competition इत्यादि की जाँच करने के बाद आपके पोस्ट का पोजीशन तय करता है।
Page title
Search Bar में जब कोई चीज टाइप करके खोजते है तो जो रिजल्ट आता है उसमे बड़े बड़े अक्षरों में नीले रंगों में जो हेडिंग दिखाई देता है वो ही पेज का Title होता है।
हर पेज का एक यूनिक टाइटल होता है जो सर्च इंजन और यूजर को यह समझने में मदद करता है की पेज किस बारे में है।
एक पेज जिसका टाइटल "SEO Tips For Beginners" दिया गया है तो यह title "Index.html" वाले टाइटल से बेहतर होगा।
Page Title को Optimization करने का सबसे महत्वपूर्ण Tips है
- अपने Page Title की शुरुआत में कीवर्ड जोड़ें – यदि संभव हो तो अपने मेन कीवर्ड को अपने Page Title की शुरुआत में जोड़ें। इससे सर्च इंजन को शुरू से ही यह समझने में मदद मिलती है कि पेज किन कीवर्ड्स को टारगेट कर रहा है।
- कीवर्ड स्टफिंग न करें - अब इसका मतलब यह नहीं है कि आप कीवर्ड स्टफिंग करना शुरू कर दे। यदि Title के शुरुआत में कोई कीवर्ड सेट नहीं हो रहा है तो यह दुनिया का अंत नहीं है। बस इस बात का ध्यान रखे की कीवर्ड title में कही न कही जरुर आये ।
- छोटा और वर्णनात्मक (descriptive) टाइटल लिखें - किसी पोस्ट का title बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। हमेशा कोशिश यह रहे की टाइटल 60 अक्षरों के नीचे ही रहे। क्योंकि यह गूगल सर्च रिजल्ट द्वारा दिखाया गए अक्षरों के औसत के बीच है।
- संख्या और पावर शब्द शामिल करें - कोशिश करें की Title में संख्या के साथ-साथ "अल्टीमेट, एक्शनेबल, अमेजिंग, चेकलिस्ट, आदि" जैसे पावर शब्द होने से, Title अधिक दिलचस्प हो जाते हैं और इससे उनकी सीटीआर (क्लिक थ्रू रेट) बढ़ जाती है।
- अपने डोमेन को title में शामिल करने की आवश्यकता नहीं है - शीर्षक में अपना डोमेन नाम शामिल करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह Google द्वारा स्वचालित रूप से जोड़ा जाता है। पेज का सही विवरण देने के लिए आप 60 अक्षरों का उपयोग कर सकते हैं।
- पेज Title बहुत लंबा न हो - एक पेज का Title बहुत लंबा नहीं होना चाहिए। सामान्य अनुशंसा है कि इसे 60 वर्णों से कम रखा जाए क्योंकि यह खोज परिणामों में Google द्वारा प्रदर्शित वर्णों की औसत मात्रा है।
आप शीर्षक में अपना डोमेन रखने पर विचार कर सकते हैं जब आप एक बड़ा ब्रांड बन जायें और लोग आसानी से पहचान सकें।
5 – Meta Description का प्रयोग करें
Meta Description पूरे ब्लॉग पोस्ट का एक संक्षिप्त विवरण होता है, जो search result में दिखाई देता है। यह डिस्क्रिप्शन 200 अक्षरों तक का होता है और हर पेज के लिए यूनिक होता है।
आपके द्वारा लिखा गया यूनिक डिस्क्रिप्शन आपको एक अवसर देता है की आप अपने पेज का प्रचार कर सके और यूजर को अपने लिंक पर क्लिक करने को आकर्षित करे ताकि वो किसी और लिंक पर क्लिक न करे।
यह भी ध्यान देने की बात है की गूगल हमेशा कस्टम मेटा डिस्क्रिप्शन नहीं दिखाता है। बल्कि कई बार तो वह खुद से बनाए गए डिस्क्रिप्शन को दिखाता है यदि उसे लगता है की यह यूजर के लिए बेहतर है।
Meta Description को Optimize करने का Tips
- ऑटो-जेनरेट किए गए डिस्क्रिप्शन से बचें - बहुत से ऐसे वेबसाइट है जो आटोमेटिक मेटा डिस्क्रिप्शन generate करते है, जिससे बचाना चाहिए . क्योंकि, कभी कभी उनके द्वारा generate किया गया डिस्क्रिप्शन का सही अर्थ ही नहीं होता है .
- डिस्क्रिप्शन में टारगेट keyword जोड़े – Google अभी भी Title और डिस्क्रिप्शन दोनों में खोजे गए शब्दों को हाइलाइट करता है, इसलिए टारगेट keyword जोड़ कर यूजर के लिए अधिक प्रासंगिक और आकर्षक बनायें।
6 – Headings and Content Formatting
एक पेज को सही ढंग से formatting करने की जरुरत होती है . जिससे आपका पेज आकर्षक लगता है । हैडिंग टैग SEO के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। आपने कभी किसी का कोई रिपोर्ट देखा होगा जिसमे एक title (H1), subtitle (H2, H3) के रूप में होता है।
The H1 Tag
प्रत्येक पेज में केवल एक H1 टैग होना चाहिए। यदि आप blogger पर blogging करते है तो, जो आप title में लिखते है वो आटोमेटिक title टैग में बदल जाता है और पेज के अन्दर जो हैडिंग देखते है, वो H1 टैग में बदल जाता है। चुकी ब्लॉगर में H1, H2, या H3 करके हैडिंग देने का option नहीं होता है। अतः blogger में कुछ इस प्रकार से हैडिंग format करने का option होता है .
Major Heading = Title Tag का काम करता है
Heading = H1
Subheading = H2
Minor Heading = H3
Paragraph = H4
Normal = H5 इत्यादि
यदि आप WordPress का उपयोग कर रहे हैं तो डिफ़ॉल्ट रूप से किसी पेज का Title, H1 टैग में हो जाता है। आप चाहे तो Title Tag और हैडिंग एक ही रख सकते है या title के लिए अलग title दे सकते है। याद रखे की google search में वही result दिखता है जो title टैग में होता है न की H1(heading) टैग में जहाँ तक अन्य Title (h2, h3) की बात है,
तो आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- Title के लिए एक शब्द का इस्तेमाल करने से बचें . लेकिन उस Title को यूजर के लिए रोचक बना सकते है। ताकि वे उसे पढ़ सके .
- Title को सही व्यवस्थित करे यानी पहला Title टैग <h1> और फिर <h2> और फिर <h3>, <h4> आदि है।
- Subheading एक उपयुक्त जगह है जहाँ आप related keyword प्रयोग कर सकते है .
Content Formatting
किसी कंटेंट में केवल टेक्स्ट डाल देने से काम नहीं बनता है बल्कि यह भी सुनिश्चित कर ले की वह पढ़ने और समझने लायक है की नहीं । .
- किस पेज के महत्वपूर्ण भागों को दिखाने के लिए बोल्ड, अंडरलाइन या इटैलिक का उपयोग करें।
- एक अच्छे आकार के फॉन्ट (कम से कम 14px) का प्रयोग करें।
- Text को छोटे छोटे पैराग्राफ में बांटे (अधिकतम 3-4 पंक्तियाँ)।
- पाठ को पढ़ने में आसान बनाने के लिए पैराग्राफ के बीच पर्याप्त अंतर का प्रयोग करें।
7 – Images and Other Multimedia Elements को Optimize करें
जरुरी लगे तो पोस्ट में image का प्रयोग जरुर करे। क्योंकि presentation के उद्देश से image बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह एक पेज को अधिक रोचक और समझने में आसान बनाता है। कभी कभी बातें जो नहीं समझा समझाई जा सकती है, उसे तस्वीरें समझा दिया करती है।
लेकिन image में सबसे बड़ी समस्या यह है की search engine इसे समझ नहीं पता है और इसे पेज की लोडिंग स्पीड के साथ जोड़ लेता है, जिससे पेज के लोडिंग स्पीड में अंतर आने लगता है। अतः इसे search engine के तहत ऑप्टिमाइजेशन करना होता है .
Images का SEO optimization Tips
- Original image का इस्तेमाल करे- यदि आप इन्टरनेट पर उपलब्ध image का प्रयोग करते है, तो उसका क्रेडिट उसके ऑनर को देना होगा। जिससे आप पर copyright क्लेम नहीं लगे। कुछ वेबसाइट है जहाँ से copyright free images डाउनलोड कर सकते है। जैसे Pixbay, Unsplash, Pixels.
- Image के साइज़ को कम करें – Image का size (bytes में) जितना कम होगा उतना ही बेहतर होगा। ताकि आपके पेज की लोडिंग स्पीड पर असर नहीं हो।
- Image को describe करने के लिए ALT Tag का प्रयोग करें – इससे search engine को समझने में मदद मिलाती है की आपका image किस बारे में है ।
- Image का नाम बदले – आप जब कहीं से image download करते है तो उसका नाम कुछ इस प्रकार रहता है जैसे “iajs123451.jpg” या “image123.jpg” . अतः आपको इस image के नाम को बदलना होगा तथा अपने keyword से related नाम देना होगा। Image का नाम देने वक़्त शब्दों के बीच hyphen (-) देना होगा , जैसे “on-page-seo-kaise-kare”.
- Content Delivery Network का प्रयोग करें – यदि आपके पास एक पेज पर बहुत सारी images हैं, तो आप एक CDN सेवा का उपयोग कर सकते हैं, जो आपके पेज को तेज़ी से लोड करेगी। क्योंकि CDN एक ऐसा माध्यम है, जो किसी वेबसाइट के कंटेंट की कॉपी अलग – अलग Location के server पर बना देता है, जिससे कि विभिन्न Location के यूजर को अलग – अलग Location के सर्वर से Content Deliver होता है और वेबसाइट की स्पीड बढ़ जाती है.
8 – SEO Friendly URL बनायें
अधिकतम SEO के लिए अपने URL को ऑप्टिमाइज़ करना महत्वपूर्ण है। इसके दो भाग हैं। पहला भाग URL ऑप्टिमाइज़ है और दूसरा URL स्ट्रक्चर है।
एक परमानेंट लिंक प्रत्येक पेज के लिए यूनिक URL होता है।
एक अच्छा URL, 225 अक्षरों से कम का होना चाहिए और URL बनाते समय प्रत्येक शब्दों के बीच hyphens (-) का प्रयोग जरुर करें। जैसे मेरे पेज का URL है
https://techpowerpoint.blogspot.com/2022/06/on-page-seo-kaise-kare
इस URL को देखकर ही आपको स्पष्ट हो रहा होगा कि इस पोस्ट में On Page SEO करने के तरीकों के बारे में बताया गया है।
इस तरह आपने देखा की कैसे मेरे पेज title, short seo friendly URL, डिस्क्रिप्शन इत्यादि में मैंने अपना टारगेट keyword शामिल किया है।
अपनी URL Structure को ऑप्टिमाइज़ करने के Tips
- Categories (श्रेंणी) का उपयोग करें – अपने पेज को Categories वाइज बनायें ताकि यूजर और सर्च इंजनों को वह तेज़ी से मिल सके जो वे चाहते हैं। कोशिश करे की categories के अन्दर 2 से ज्यादा subcategories नहीं बनायें.
- Breadcrumb menu को add करें – Breadcrumb से यह पता चलता है कि आपके साइट के पेजों के क्रम में कोई पेज किस जगह पर है। साथ ही, यह उपयोगकर्ताओं को साइट के बारे में समझने और बेहतर तरीके से एक्सप्लोर करने में मदद कर सकता है।
- फोकस कीवर्ड का इस्तेमाल करें – URL बनाते समय अपने फोकस कीवर्ड का इस्तेमाल करें तथा Special Character (#,$,&,% etc.) का इस्तेमाल URL में ना करें।
- URL छोटा रखने की कोशिश करें – हमेशा यह कोशिश करे की URL छोटा ही हो तो बेहतर है।
- URL लिखने का तरीका - English या Hinglish में ही URL लिखें।
- URL में अंग्रेजी के छोटे शब्दों का इस्तेमाल करें।
9. Internal Links बनाये
जब हम किसी पेज में अपने दुसरे पेज का links डालते है तो उसे ही Internal Link कहते है। SEO में Internal linking बहुत महत्वपूर्ण होता है। इंटरनल लिंकिंग करने से यूजर आपके वेबसाइट में ज्यादा समय तक रहते हैं, जिससे आपका Bounce Rate संतुलित रहता है।
यूँ समझिये की आप inter linking के जरिये एक ऐसा वेब (जाल) बनाते है जिसमे आया हुआ यूजर अपनी quairy को पूरा करने के चक्कर में, आपके दिए हुए लिंक के जरिये आपके ही वेबसाइट के एक पेज से दुसरे पेज में जाता रहता है।
जब सर्च इंजन को लिंक वाले पेज मिलते हैं, तो वे जाकर उन पेजों को भी पढ़ेंगे, इसलिए आप इस तकनीक का उपयोग सर्च इंजन को अपनी वेबसाइट के उन पेजों के बारे में बताने के लिए कर सकते हैं जिन्हें उन्होंने अभी तक खोजा नहीं है।
हर वेबसाइट में कुछ ऐसे पेज होते हैं, जो दूसरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। जिसे हम internal link के द्वारा और अधिक महत्वपूर्ण बना सकते है ।
Internal Link के लिए सर्वोत्तम Tips
- केवल अपने Internal Link के लिए कीवर्ड का उपयोग न करें।
- Internal Link तभी जोड़ें जब आपको लगे कि वह आपके पाठक के लिए उपयोगी है।
- बस मेरी यह सलाह है की एक पेज में 15 से ज्यादा Internal Link नहीं जोड़ें (यह किसी शोध या अध्ययन पर आधारित नहीं)।
- वेब पेज के मुख्य हिस्से में ही internal links जोड़ें न की footer और sidebar में ।
10 – External Link करें
जब आप अपने वेबसाइट पर किसी दुसरे वेबसाइट का लिंक डालते है, तो उसे External Link कहते है। External Link या Outbound Link का इस्तेमाल ब्लॉग में तभी करना चाहिए जब जरुरत हो। आपके द्वारा बनाया गया External Links उस वेबसाइट के लिए Backlink कहलायेगा।
हम जानते हैं कि SEO के लिए बैकलिंक्स महत्वपूर्ण हैं लेकिन External Link के बारे में क्या?
External Link, google को आपके पेज के टॉपिक बारे में जानने में सहायता करता है तथा Google को यह भी दिखाता है कि आपका पेजेज गुणवत्तापूर्ण जानकारी का केंद्र है।
External Link जोड़ने से न तो आपको सीधे SEO में मदद मिलती है और न रैंकिंग में इसका कोई हाथ होता है। लेकिन यह indirectly रूप से आपकी मदद कर सकता है।
आप अन्य वेबसाइटों से लिंक करने के लिए External Link का उपयोग कर सकते हैं और फिर उन्हें ईमेल कर सकते हैं और उन्हें इसके बारे में बता सकते हैं। जिससे हो सकता है की आपको भी बाद में Backlink मिल जाये .
External Link करते समय आप निम्नलिखित बातों का ध्यान रख सकते हैं –
- External Link तभी बनायें जब reader के लिए valuable हो।
- Trusted वेबसाइट के लिंक को ही External Link बनायें। Untrusted वेबसाइट के लिंक को No follow करें।
- केवल उन संबंधित वेबसाइटों से लिंक करें जिनमें unique और original कंटेंट हो।
11 – वेबसाइट को मोबाइल फ्रेंडली बनायें
Google में लगभग 60% searches अब मोबाइल उपकरणों से आ रही हैं। इसका मतलब है कि यदि आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली नहीं है, तो आप पहले से ही संभावित ट्रैफ़िक का आधा हिस्सा खो सकते हैं।
आपको क्या करना चाहिये?
पहले step में, यह चेक करें कि आपकी वेबसाइट मोबाइल के अनुकूल है की नहीं। इसके लिए Google mobile friendly tool से अपनी वेबसाइट को चेक करें और अगर कोई समस्या है तो उसे ठीक करने का प्रयास करें।
दुसरे step में, अपने मोबाइल में ही अपने वेबसाइट को चला कर चेक करे जैसे एक यूजर करता है, और सुनिश्चित करें कि आपके CTA बटन सहित सब कुछ सही ढंग से काम कर रहा है।
अगर आपने अपनी वेबसाइट के लिए Responsive थीम इस्तेमाल करते है तो आपको चिंता करने की कोई बात नहीं है।
12 – वेबसाइट को फ़ास्ट लोडिंग बनायें
Google के अनुसार आपके वेबसाइट की लोडिंग स्पीड SEO फैक्टर में बहुत मायने रखती है . कुछ सर्वे के अनुसार, जिस वेबसाइट की लोडिंग स्पीड स्लो है उस पर यूजर रुकना नहीं चाहते है और ना ही वेबसाइट सर्च इंजन रिजल्ट पेज में अच्छा Perform कर पायेगी। इसलिए वेबसाइट की लोडिंग स्पीड को फ़ास्ट करना बेहद जरुरी है।
13 – नियमित रूप से नए ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करें
अपने ब्लॉग पर नियमित रूप से नए पोस्ट पब्लिश करें, ताकि आपके यूजर बने रहे। यूजर बनेंगे तो आपके वेबसाइट की रैंकिंग भी अच्छी होगी। गूगल भी ऐसे ब्लॉग को अच्छी रैंकिंग देता है, जो नियमित रूप से ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करते हैं। आप एक नियम बना ले की कब कब पोस्ट पब्लिश करना है।
14 – पुराने पोस्ट को अपडेट कीजिए
आप ने कोई पोस्ट लिखा है, लेकिन कुछ दिनों बाद उससे संबंधित कोई नया अपडेट आता है। तो आप अपने पोस्ट में भी उसे अपडेट कर दें। इससे आपका कंटेंट फ्रेश रहता है और यूजर को भी फिर से आपके वेबसाइट पर आने का अवसर मिलेगा। इससे आपको कंटेंट outdated नही होगा।
मुझे आशा है कि आपको मेरे इस लेख द्वारा On Page SEO क्या है? On Page SEO Kaise Kare के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी ।
मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की यदि आपको ये जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपनो के बीच शेयर जरूर करे। क्योंकि ज्ञान ही एक मात्र ऐसा धन है जिसे जितना बांटो उतना ही बढ़ता जाता है।
इसके बावजूद कोई कमी लगी हो तो मुझे जरूर सलाह दे ताकि उसमे सुधार किया जा सके और अच्छा लगे तो कमेंट और Follow भी करे ताकि आगे का सफर हम साथ तय कर सके।
कुछ सवाल और उसके जवाब
1. On Page SEO क्या है?
Ans: सर्च इंजन के अनुकूल अपने ब्लॉग या आर्टिकल को ऑप्टिमाइज करने के तरीके को On Page SEO कहते है।
2. On Page SEO करना क्यों जरूरी है?
Ans: On Page SEO करना इसलिए जरूरी है ताकि आपका ब्लॉग और पोस्ट गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक कर सके।
3. On Page SEO करने का सबसे पहला चरण क्या है?
Ans: Keyword reserch करना On Page SEO का पहला चरण कहा जा सकता है।
4. Title लिखते समय क्या ध्यान देना चाहिए?
Ans: Title में आपका मेन keyword जरुर आये इसका ध्यान रखें।
5. URL कैसे बनायें?
Ans: URL में अपने keyword का इस्तेमाल करें। लेकिन ध्यान रखें की प्रत्येक शब्द के बीच hyphen (-) जरुर लगायें।
